मनोविज्ञान-श्रृंखला समाप्ति और डाउनलोडेबल पीडीएफ़ सामग्री

हे मानवश्रेष्ठों,

मनोविज्ञान पर यहां चल रही श्रृंखला अब समाप्त की जा रही हैं। व्यक्ति और व्यक्तित्व पर कुछ सामग्री और दी जानी थी, परंतु उसे यहां बाद में एक नई श्रृंखला के रूप में अधिक विस्तार से प्रस्तुत करने की योजना है।

यहां पेश की जा रही सामग्री के बारे में कुछ मानवश्रेष्ठों द्वारा यह आकांक्षा व्यक्त की गई है कि मनोविज्ञान पर प्रस्तुत हो चुकी सामग्री को पीडीएफ़ फ़ाइल-रूप में डाउनलोड किये जाने की व्यवस्था कर दी जाए।

पूर्व में इसी हेतु यहां की तब तक की सामग्री को पांच भागों में समेकित कर उनके डाउनलोड करने के लिंक प्रस्तुत किए जा चुके हैं, इस बार बाकी सामग्री को तीन और भागों में समेकित कर, उनके पीडीएफ़ डाउनलोड करने के लिए लिंक इस बार यहां दिये जा रहे हैं।

इन्हें साइड बार में भी डाल दिया गया है, जहां ये बाद में भी उपलब्ध रहेंगे।


मनोविज्ञान – भाग ६ – संज्ञानात्मक प्रक्रियाएं
संवेदन, स्मृति, चिंतन और कल्पना
इस भाग में हम देखेंगे कि संवेदन क्या है और मनुष्य की सक्रियता में इनकी भूमिका क्या है? एक क्रिया के रूप में प्रत्यक्ष क्या है? प्रत्यक्ष की स्थिरता, सार्थकता और निर्भरता क्या है? स्मृति क्या है? उसके भेद क्या हैं? स्मृति की प्रक्रियाएं क्या हैं? स्मरण क्या है? अनैच्छिक और ऐच्छिक स्मरण क्या है? चिंतन और इसकी विशेषताएं क्या हैं? चिंतन की अभिप्रेरणा कहां से आती है? चितन के भेद क्या हैं? कल्पना क्या है? कल्पना के भेद और उसकी प्रक्रियाएं क्या हैं? सक्रियता में कल्पना की क्या भूमिका हैं?

मनोविज्ञान – भाग ७ – व्यक्तित्व का संवेगात्मक-संकल्पनात्मक क्षेत्र
भावनाएं और इच्छाशक्ति
इस भाग में हम देखेंगे कि भावनाएं क्या हैं? भावनाओं और आवश्यकताओं में क्या संबंध हैं? भावनाओं के रूप क्या-क्या हैं? व्यक्तित्व में भावनाओं की क्या भूमिका है? आवेश और प्रेम क्या हैं? ऐच्छिक और संकल्पात्मक क्रियाएं क्या हैं? इच्छाशक्ति क्या है? इच्छाशक्ति और जोखिम में क्या संबंध हैं? संकल्पात्मक क्रियाओं की संरचना क्या है? इच्छाशक्ति की व्यक्तिपरक विशिष्टताएं क्या हैं?

मनोविज्ञान – भाग ८ – व्यक्तित्व के वैयक्तिक-मानसिक अभिलक्षण
स्वभाव, चरित्र और योग्यताएं
इस भाग में हम देखेंगे कि स्वभाव क्या हैं? स्वभावों के भेद क्या हैं? तंत्रिका तंत्र के भेद और स्वभाव में क्या संबंध हैं? पढ़ाई तथा श्रम-सक्रियता में स्वभाव की भूमिका क्या है? स्वभाव और शिक्षा में क्या संबंध हैं? मनुष्य का चरित्र क्या हैं? चरित्र की संरचना क्या है? चरित्र का स्वरूप तथा अभिव्यंजनाएं क्या हैं? योग्यता और उसकी संरचना क्या है? प्रतिभा, उसका मूल तथा संरचना क्या है? योग्यताओं तथा प्रतिभा के नैसर्गिक पूर्वाधार क्या हैं? योग्यताओं का गठन किस तरह होता हैं?


यदि सभी भाग एक साथ, यानि संपूर्ण आठ भागों की सामग्री एक साथ समग्र रूप से चाहें तो इस लिंक से डाउनलोड की जा सकती है:

मनोविज्ञान – समग्र ( सभी भाग एक साथ )

पूर्व में प्रस्तुत किए गए लिंक भी यहां पुनः नीचे दिए जा रहे हैं। रुचि की सामग्री के लिए अलग-अलग भाग भी डाउनलोड किए जा सकते हैं।


मनोविज्ञान – भाग १ – मनोविज्ञान की विषयवस्तु
इस भाग में हम जानेंगे कि मनोविज्ञान क्या है? इसकी विषयवस्तु क्या है? हम देखेंगे कि मनोविज्ञान संबंधी धारणाओं का इतिहास क्या है? मन, मस्तिष्क और चेतना क्या है?

मनोविज्ञान – भाग २ – समकालीन मनोविज्ञान और शोध प्रणालियां
इस भाग में हम जानेंगे कि समकालीन मनोविज्ञान की प्रवृत्तियां कौनसी हैं? व्यवहारवाद और मनोविश्लेषण क्या है? सामान्य मनोविज्ञान की संकल्पना क्या है? इसकी शोध प्रणालियां क्या है?

मनोविज्ञान – भाग ३ – मन और चेतना का विकास

इस भाग में हम जानेंगे कि मन, चिंतन र चेतना क्या हैं? मन और चेतना का विकास कैसे हुआ? सहजवृत्तियां और अनुकूलित संबंध क्या है? पशुओं के बौद्धिक व्यवहार के मूल में क्या है? मानस की परिवेश पर निर्भरता क्या है? पशुओं और मनुष्य के मानस में क्या भेद हैं? चेतना के विकास में श्रम और भाषा की क्या भूमिका है?

मनोविज्ञान – भाग ४ – मनुष्य की सक्रियता
इस भाग में हम देखेंगे कि सक्रियता के स्रोत के रूप में आवश्यकताएं क्या हैं? आवश्यकताओं की क़िस्में क्या हैं? उनका विकास कैसे हुआ? सक्रियता और उसके लक्ष्य क्या हैं? सक्रियता की संरचना क्या है? आदतें और उनकी संरचना क्या है? अभ्यास क्या है? कौशल क्या है? मनुष्य की सक्रियता के प्रमुख रूप क्या हैं और उनका विकास कैसे हुआ? खेल और उनकी सक्रियता में भूमिका क्या है? अधिगम और अध्ययन क्या है? श्रम क्या है?

मनोविज्ञान – भाग ५ – संप्रेषण और मनुष्य
इस भाग में हम देखेंगे कि संप्रेषण की अवधारणा क्या है? संप्रेषण और सक्रियता के संबंध क्या हैं? संप्रेषण के साधन के रूप में भाषा क्या है? शाब्दिक और अशाब्दिक संप्रेषण क्या है? वाक् का विकास किस तरह होता है? सक्रियता और संप्रेषण में सामाजिक प्रतिमानों की क्या भूमिका है? संप्रेषण में भूमिका अपेक्षाएं क्या हैं? मनोवैज्ञानिक संपर्क और अंतर्वैयक्तिक टकराव क्या हैं? मित्रों के बीच और परस्पर समझ के रूप में संप्रेषण क्या है? एक दूसरे को जनने के क्रियातंत्र क्या होते हैं? संप्रेषण में प्रतिपुष्टि और प्रशिक्षण क्या है?


इस बार इतना ही।

जाहिर है, एक वस्तुपरक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गुजरना हमारे लिए कई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है, हमें एक बेहतर मनुष्य बनाने में हमारी मदद कर सकता है।

अगली बार से फिर कुछ गंभीर और नवीन लेकर हाजिर हुआ जाएगा।
शुक्रिया।

समय

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